पेट में गैस बनने की समस्या से कई बार हमें शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है । समान्यता जिनको ज्यादा गैस बनती है लोग उनसे दूर ही रहते है और पीठ पीछे उनका उपहास भी उड़ाते है । पेट में गैस के कारण हमारा पाचन तंत्र भी बिगड़ सकता है।
गैस वैसे तो हर व्यक्ति के शरीर में बनती है ।
जो शरीर से बाहर डकार या गुदा मार्ग से निकलती है। लेकिन जिनकी पाचन शक्ति खराब रहती है या जो प्राय: कब्ज के शिकार रहते हैं, उनमें गैस की समस्या ज्यादा ही होती है। लंबे समय तक रहने वाली गैस की समस्या बवासीर और अल्सर में बदल सकती है जिससे और भी कई तरह की परेशानियाँ हो सकती हैं।
पेट में दर्द, जलन, पेट से गैस पास होना, डकारें आना, छाती में जलन, अफारा। इसके अलावा, जी मिचलाना, खाना खाने के बाद पेट ज्यादा भारी लगना और खाना हजम न होना, भूख कम लगना, पेट भारी-भारी रहना और पेट साफ न होने जैसा महसूस होना यह सब पेट में गैस बनने की निशानी है ।
पेट में गैस बनने का सबसे प्रमुख कारण निगली हुई हवा है। सभी व्यक्ति खाते, पीते समय थोड़ी थोड़ी मात्रा में हवा निगल लेते है। लेकिन जल्दी-जल्दी खाने, पीने, धूम्रपान करने, च्यूंगम चबाने से कुछ ज्यादा ही हवा अंदर चली जाती हैं, इसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाई ऑक्साइड होती हैं। कुछ हवा डकार के द्वारा बाहर चली जाती है, लेकिन कुछ हमारी आंत में चली जाती है और थोड़ी सी गैस यहां से बड़ी आंत में चली जाती है, जो गुदा मार्ग द्वारा बाहर निकलती है।
उम्र बढ़ने के साथ गैस की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।
पेट में गैस बनने के कारण
* पेट में गैस शराब पीने , तली-भुनी, मिर्च-मसाला वाली चीजें ज्यादा खाने से,तला या बासी खाना खाने से, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, बींस खाने से, उड़द की दाल, फास्ट फूड, किसी-किसी को दूध या भूख से ज्यादा खाने से अथवा खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक लेने से पेट में गैस बनती है ।
* पेट में गैस बनने के सबसे आम लक्षण हैं पेट फूल जाना, पेट में दर्द होना, डकार आना और गैस पास करना है। पेट का फूलना गैस की वजह से हो सकता है या बड़ी आंत का कैंसर या हार्निया भी इसका कारण बन सकता है। ज्यादा वसायुक्त भोजन करने से पेट देर से खाली होता है। इससे भी पेट फूल जाता है और बेचैनी होती है।
* जब आंत में गैस मौजूद होती है, तब कुछ लोगों को पेट दर्द होता है। जब बड़ी आंत की बायीं ओर दर्द होता है, तो इससे हृदय रोग का भ्रम होता है, लेकिन जब दर्द दायीं ओर होता है, तो यह एपेन्डिक्स हो सकता है।
* इसके आलावा ज्यादा काम का बोझ, टेंशन, देर से सोना- देर से जागना, खाने-पीने का टाइम फिक्स्ड न होना आदि कारणों से भी गैस बनती है ।
* इसके अतिरिक्त लीवर में सूजन, गॉल ब्लेडर में स्टोन, फैटी लीवर, मोटापे , डायबीटीज, अस्थमा या अक्सर पेनकिलर खाने से, कब्ज, खाना न पचने की वजह से भी गैस बन सकती है ।
पेट की गैस के घरेलु उपचार
* खाना खाने के बाद एक गुड़ का टुकड़ा खाएं । इससे गैस नहीं बनती और आंतें भी मजबूत रहती हैं।
* प्रत्येक बार भोजन के बाद एक लौंग और एक इलायची लेने से गैस वा एसिडिटी की समस्या दूर ही रहती है ।
* यदि नित्य खाने के साथ थोड़ी सी अजवायन भी खाएं तो गैस नहीं बनती है और पाचन भी बढ़िया रहता है ।
* खाने में सादा नमक के साथ-साथ काला नमक भी इस्तेमाल किया करें।
इसके अतिरिक्त आप निम्नलिखित के द्वारा भी गैस को नियंत्रित कर सकते हैं : -
गैस वैसे तो हर व्यक्ति के शरीर में बनती है ।
जो शरीर से बाहर डकार या गुदा मार्ग से निकलती है। लेकिन जिनकी पाचन शक्ति खराब रहती है या जो प्राय: कब्ज के शिकार रहते हैं, उनमें गैस की समस्या ज्यादा ही होती है। लंबे समय तक रहने वाली गैस की समस्या बवासीर और अल्सर में बदल सकती है जिससे और भी कई तरह की परेशानियाँ हो सकती हैं।
पेट में दर्द, जलन, पेट से गैस पास होना, डकारें आना, छाती में जलन, अफारा। इसके अलावा, जी मिचलाना, खाना खाने के बाद पेट ज्यादा भारी लगना और खाना हजम न होना, भूख कम लगना, पेट भारी-भारी रहना और पेट साफ न होने जैसा महसूस होना यह सब पेट में गैस बनने की निशानी है ।
पेट में गैस बनने का सबसे प्रमुख कारण निगली हुई हवा है। सभी व्यक्ति खाते, पीते समय थोड़ी थोड़ी मात्रा में हवा निगल लेते है। लेकिन जल्दी-जल्दी खाने, पीने, धूम्रपान करने, च्यूंगम चबाने से कुछ ज्यादा ही हवा अंदर चली जाती हैं, इसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाई ऑक्साइड होती हैं। कुछ हवा डकार के द्वारा बाहर चली जाती है, लेकिन कुछ हमारी आंत में चली जाती है और थोड़ी सी गैस यहां से बड़ी आंत में चली जाती है, जो गुदा मार्ग द्वारा बाहर निकलती है।
उम्र बढ़ने के साथ गैस की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।
पेट में गैस बनने के कारण
* पेट में गैस शराब पीने , तली-भुनी, मिर्च-मसाला वाली चीजें ज्यादा खाने से,तला या बासी खाना खाने से, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, बींस खाने से, उड़द की दाल, फास्ट फूड, किसी-किसी को दूध या भूख से ज्यादा खाने से अथवा खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक लेने से पेट में गैस बनती है ।
* पेट में गैस बनने के सबसे आम लक्षण हैं पेट फूल जाना, पेट में दर्द होना, डकार आना और गैस पास करना है। पेट का फूलना गैस की वजह से हो सकता है या बड़ी आंत का कैंसर या हार्निया भी इसका कारण बन सकता है। ज्यादा वसायुक्त भोजन करने से पेट देर से खाली होता है। इससे भी पेट फूल जाता है और बेचैनी होती है।
* जब आंत में गैस मौजूद होती है, तब कुछ लोगों को पेट दर्द होता है। जब बड़ी आंत की बायीं ओर दर्द होता है, तो इससे हृदय रोग का भ्रम होता है, लेकिन जब दर्द दायीं ओर होता है, तो यह एपेन्डिक्स हो सकता है।
* इसके आलावा ज्यादा काम का बोझ, टेंशन, देर से सोना- देर से जागना, खाने-पीने का टाइम फिक्स्ड न होना आदि कारणों से भी गैस बनती है ।
* इसके अतिरिक्त लीवर में सूजन, गॉल ब्लेडर में स्टोन, फैटी लीवर, मोटापे , डायबीटीज, अस्थमा या अक्सर पेनकिलर खाने से, कब्ज, खाना न पचने की वजह से भी गैस बन सकती है ।
पेट की गैस के घरेलु उपचार
* खाना खाने के बाद एक गुड़ का टुकड़ा खाएं । इससे गैस नहीं बनती और आंतें भी मजबूत रहती हैं।
* प्रत्येक बार भोजन के बाद एक लौंग और एक इलायची लेने से गैस वा एसिडिटी की समस्या दूर ही रहती है ।
* यदि नित्य खाने के साथ थोड़ी सी अजवायन भी खाएं तो गैस नहीं बनती है और पाचन भी बढ़िया रहता है ।
* खाने में सादा नमक के साथ-साथ काला नमक भी इस्तेमाल किया करें।
इसके अतिरिक्त आप निम्नलिखित के द्वारा भी गैस को नियंत्रित कर सकते हैं : -
- अजवाइन | Celery
- अदरक | Ginger
- काला नमक | Black Salt
- नीबू | Lemon
- मैदा | Flour
- लहसुन | Garlic
- हल्दी | Turmeric
- जीरा | Cumin
- हरड़ | Harad
- दालचीनी | Cinnamon
- शहद | Honey