Menu Bar

Wednesday, August 03, 2016

दूध | Milk

मिश्रित: डिटरजेंट, सिंथेटिक मिल्क

क्या आपको पता है कि फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (fssai) के द्वारा हुई रिसर्च से यह खुलासा हुआ है कि भारत के दूध के 70℅ सैंपल बिलो स्टैण्डर्ड थे।

इसका मतलब हर 10 गिलास दूध में 7 गिलास ऐसे होते हैं जिनमे डिटर्जेंट एवं और दुषणतत्त्व होते हैं। इनसे आपको ज़्ई मचलाना, दिल की बीमारी, और यहाँ तक की बोहोत ही दूषित दूध से मौत भी हो सकती है।


बाकी कुछ छोटे मोटे साइड इफेक्ट्स हैं पेट खराब होना, मूड खराब होना, हार्मोनल इम्बलंके आदि।

दूध ऐसी चीज़ है जिसको हम न पीये बगेर रह ही नहीं सकते। आखिर कर इस से हमें ताकत और पोषण मिलता है।

यदि आप अपने परिवार, अपने बच्चो और बुजर्गो की चिंता करते हैं तो हर हाल में दूध की क्वालिटी चेक करें। यह आप अपने घर में आसानी से कर सकते हैं।

इसके कुछ तरीके ये हैं:

  1. दूध को पैकेट से निकाल कर एक कटोरी में रखें। इसमें फिर एक नींबू निचोडें। यदि दूध शुद्ध है तो तुरंत ही फट जायेगा। यदि ना फटे तो उबालकर नीबू डालें। अब भी नहीं फटा तो आपका दूध अशुद्ध है।
  2. एक चम्मच को गोलाकार सिरे से पकड़ें। उसको थोड़ा सा झुकाएं और लंबे वाले सिरे पर 1-2 बूंदे दूध की आराम से टपकाएं। यदि दूध फिसलते हुए पीछे सफ़ेद छाप छोड़ता है तो दूध शुद्ध है। यदि दूध तुरंत बिना छाप छोड़े फिसल जाता है तो इसका मतलब दूध में मिले रसायन और अशुद्धियाँ या पानी उसको फिसला रही हैं। आप यह टेस्ट एक हलकी सी तिरछी सूखी सतह पर भी कर सकते हैं।
  3. दूध को एक बोतल में लें। उसको थोड़ा हिलाएं। यदि थोड़ा सा हिलाने पे भी काफी झाग बनता है तो इसका मतलब दूध में डिटर्जेंट मिला है।
  4. दूध को ऊँगली में लेकर उँगलियाँ रगड़ें। यदि आपको साबुन जैसी चिकनाहट महसूस होती है तो दूध अशुद्ध है।
  5. यदि दूध उबलने पर अतिरिक्त पीला होता है तो दूध में रसायन एवं अशुद्धियाँ हैं। यह थोड़ा कड़वा भी होगा।
  6. 10 मिलीलीटर दूध को उतने ही पानी के साथ मिलाएं। अगर झाग निकलती है तो उसमें डिटरजेंट हो सकता है। सिंथेटिक मिल्क का स्वाद थोड़ा खराब होता है। अंगुलियों के बीच लेकर रगड़ने से साबुन जैसा फील होता है और गर्म करने पर पीलापन आ जाता है।