कब्ज रोग से पीड़ित रोगी को रोजाना मलत्याग नहीं होता है। कब्ज रोग से पीड़ित रोगी जब मल का त्याग करता है तो उसे बहुत अधिक परेशानी होती है। कभी-कभी मल में गांठे बनने लगती हैं। जब रोगी मलत्याग कर लेता है तो
उसे थोड़ा हल्कापन महसूस होता है। कब्ज रोग से पीड़ित रोगी की जीभ सफेद तथा मटमैली हो जाती है। कब्ज रोग से पीड़ित रोगी के पेट में गैस अधिक बनती है। पीड़ित रोगी जब गैस छोड़ता है तो उसमें बहुत तेज बदबू आती है। कब्ज के रोग से पीड़ित व्यक्ति के मुंह से भी बदबू आती रहती है। इस रोग में रोगी को बहुत कम भूख लगती है। कब्ज रोग से पीड़ित रोगी के सिर में दर्द भी होता रहता है। रोगी व्यक्ति की आंखों के नीचे कालापन हो जाता है तथा रोगी का जी मिचलाता रहता है। कब्ज रोग से पीड़ित रोगी को कई प्रकार के और भी रोग हो जाते हैं जैसे- मुंहासे निकलना, मुंह के छाले, अम्लता, चिड़चिड़ापन, गठिया, आंखों का मोतियाबिन्द तथा उच्च रक्तचाप आदि।