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Sunday, February 26, 2017

हिस्टीरिया (Hysteria) होने के कारण

हिस्टीरिया रोग कई कारणों की वजह से होता है। हिस्टीरिया के रोग का कारण अधिक चिंता और मानसिक तनाव होता है। स्त्रियों को हिस्टीरिया का रोग किसी तरह के सदमे, चिन्ता, प्रेम में असफलता, मानसिक दु:ख और किसी दुख का गहरा आघात होने से अधिक होता है। स्त्रियों की यौन-उत्तेजना बढ़ने के कारण भी हिस्टीरिया रोग के लक्षण पैदा हो जाया करते हैं। बहुत सी स्त्रियों को जरायु (गर्भावस्था) में विकार या गर्भाशय या डिम्बकोष में गड़बड़ी होने के कारण भी हिस्टीरिया रोग हो जाया करता है।

▶ स्नायु-मंडल की क्रिया में किसी तरह के विकार (स्नायुविक कमज़ोरी) उत्पन्न होने के कारण से भी यह रोग हो सकता है। 
▶किसी तरह के अपने मनोभावों को व्यक्त न कर पाने के कारण भी यह गुल्मवायु या हिस्टीरिया रोग हो जाता है।
▶मासिक स्राव का सही समय पर न होना, मासिक स्राव होने के समय बहुत अधिक कष्ट (दर्द) होना, विवाह के लिए उम्र हो जाने पर भी युवती की शादी न होने पर, सेक्स क्रिया करते समय पूरी तरह से संतुष्ट न होने पर, योनि और गर्भाशय के अंदर सूजन आदि के रोग होने से तथा डर, दिमागी आघात, शोक और शरीर की कमज़ोरी की वजह से भी हिस्टीरिया का रोग अधिकतर स्त्रियों को हो जाता है।
▶यह रोग उन स्त्रियों को भी हो जाता हो, जो विधवा हो जाती है तथा उन शादीशुदा स्त्रियों को भी यह रोग हो जाता है जिनके पति विदेश चले जाते हैं।
▶अगर रोगी के साथ कोई बड़ी दुर्घटना हुई है और वह उसे भुलाने की कोशिश कर रहा हो पर न भुला पाए तो भी उसे हिस्टीरिया का रोग हो सकता है। अगर किसी युवती को संभोग करने की इच्छा होती है और बार-बार किसी कारण से उसे अपनी इस इच्छा को दबाना पड़ता हो तथा जिनकी संभोग (सेक्स की इच्छा पूरी नहीं होती) के प्रति इच्छा पूर्ण नहीं होती है और वह हीनभावना से ग्रस्त हो जाती है तो उसे हिस्टीरिया का रोग हो सकता है।
▶हिस्टीरिया रोग दूसरे कई रोगों के के कारण भी हो सकता है जैसे- कब्ज बनना, मासिक धर्म संबन्धी कोई आदि। इसके अलावा वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के बीच अक्सर नोक-झोंक लगी रहना भी हिस्टीरिया रोग का कारण हो सकता है तथा जो अपने पति से कलेश या नफरत करती है।
▶यह रोग कई बार रक्त की कमी के हो जाने के कारण से भी जाता है।